मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा के साथ राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के औचक निरीक्षण के दौरान मैस, बालक-बालिका यूरिनल, शौचालय, बाथरूम में सफाई के अभाव, लाइब्रेरी, खेल के मैदान से लेकर पीने हेतु पानी की उपलब्धता, प्रकाश व्यवस्था, हॉस्टल के जंगलों के टूटे शीशे सहित खाने की गुणवत्ता मानक के अनुसार न पाए जाने पर असिस्टेंट प्रोफेसर बलजीत यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी कमियों को एक सप्ताह में दूर किया जाये, एक सप्ताह बाद इंजीनियरिंग कॉलेज की व्यवस्थाओं का पुनः निरीक्षण किया जाएगा यदि कमियां दूर न हुई तो संबंधित का उत्तरदायित्व निर्धारित कर कठोरतम कार्यवाही की जाएगी। निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं ने बताया कि कॉलेज में तमाम अवस्थाएं हैं, खाने की गुणवत्ता बेहद खराब है, मैस में पर्याप्त संसाधनों का अभाव है, मीनू के अनुसार खाना उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, वाटर कूलर खराब होने के कारण पीने हेतु ठंडा पानी भी उपलब्ध नहीं है, लाइट जाने पर जनरेटर भी नहीं चलाया जाता, जिस कारण अंधेरे में समय गुजारना पड़ता है, खेल के मैदान में भी काफी कमियां है, कॉलेज में खेल का सामान तो उपलब्ध है लेकिन खेलने हेतु मुहैया नहीं कराया जाता, शौचालय में सफाई का अभाव है, शौचालय के दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हैं, पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, पुस्तकालय में पुस्तकों के ढेर लगे हुए हैं, रखने हेतु अलमारियां नहीं है, डिजिटल लाइब्रेरी भी वाईफाई के सिग्नल न आने के कारण संचालित नहीं हो पा रही है, पुस्तकालय के 02 ए.सी. खराब है, जिस कारण पुस्तकालय में बैठकर पढ़ने में काफी असुविधा हो रही है, विद्यालय एवं पढ़ने का समय एक होने के कारण भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

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श्री त्रिपाठी ने छात्रों की समस्याएं सुनने के उपरांत इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक से कहा कि छात्रों को मूल-भूत सुविधाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करायें, मैस कमेटी का तत्काल गठन कर छात्रों की देख-रेख में ही मैस का संचालन कराया जाए, छात्रों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ सुबह का नाश्ता, दोपहर-शाम का भोजन उपलब्ध कराया जाए, मैस में मीनू चस्पा रहे, खाना बनाने वाले प्रॉपर ड्रेस में रहें, खाना बनाते समय ग्लब्स, कैप का प्रयोग करें, मैस की सफाई के मुकम्मल इंतजाम रहें। उन्होंने कहा कि शौचालय के गेट के समीप सफाई कर्मी का नाम, मोबाइल नंबर अंकित कराया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर छात्र उसे सफाई हेतु बुलाया जा सके। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन को निर्देशित करते हुए कहा कि हॉस्टल के टूटे हुए ग्लास तत्काल ठीक कराए जाएं, विद्युत आपूर्ति बाधित होने की दशा में तत्काल जनरेटर चलाया जाए, खराब ए.सी., वाटर कूलर तत्काल ठीक कराये जाएं, बालक-बालिका यूरिनल, शौचालय, बाथरूम की नियमित रूप से सफाई हो, खेल के मैदान में जो भी कमियां हैं उन्हें दूर कर छात्रों को खेलने हेतु सामान उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. दीपेन्द्र सिंह, उप जिलाधिकारी सदर अभिषेक कुमार, क्षेत्राधिकारी संतोष कुमार, अनिल सक्सेना आदि उपस्थित रहे।

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