भ्रमण के दौरान गौशाला, पंचायत घर, संचालित कार्यों, सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण करें-अविनाश
’डी’ श्रेणी में चल रहे विकास कार्यक्रम से संबंधित अधिकारियों को चेतावनी जारी की जाये-जिलाधिकारी।
मैनपुरी 07 जून, 2022- प्रधानमंत्री किसान -सम्मान योजन के सोशल ऑडिट में अपात्रो को चिन्हित कर उनसे धनराशि की वसूली की जाये, वंचित पत्रों से औपचारिकताएं पूर्ण कराकर उन्हें योजना में लाभांवित कराया जाए, योजना का लाभ पा रहे ऐसे लाभार्थी जिनके द्वारा अभी तक ई-के.वाई.सी. नहीं कराया गया है, खंड विकास अधिकारी नेतृत्व देकर ऐसे लाभार्थियों का 15 जून तक ई-के.वाई.सी. कराना सुनिश्चित करें अन्यथा की दशा में खंड विकास अधिकारियों, कृषि विभाग के अधिकारियों का वेतन रोका जाए। ग्राम पंचायतवार रोस्टर बनाकर अन्त्योदय कार्ड धारकों, पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड बनाए जाएं, राशन वितरण के दौरान बी.एल.ई., कोटेदार की दुकान पर उपस्थित रहकर गोल्डन कार्ड बनायें, राशन डीलर अन्त्योदय कार्ड धारक के पूरे परिवार को बुलाकर उसके गोल्डन कार्ड बनवाने में मदद करें। निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना में संचालित गौशालाओं से गौवंश लिए जाने की प्रगति बेहद निराशाजनक है, खंड विकास अधिकारी कम से कम 25-25 एवं पशु चिकित्साधिकारी कम से कम 10-10 गौवंश को सहभागिता योजना में लोगों को लेने के लिए प्रेरित करें, जिन 390 ग्राम पंचायतों में कैटल शैड बने हैं, वहां कम से कम 01-01 गाय अवश्य करायी जाए, जनपद के अति कुपोषित कुपोषित बच्चों के परिवारों को भी सहभागिता योजना के तहत गाय उपलब्ध करायी जायें।
उक्त निर्देश जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने मा. मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद आयुष्मान भारत योजना, परिवार नियोजन, सामूहिक विवाह योजना, सहकारी देयकों, एन.पी.ए. की वसूली में जनपद डी-श्रेणी में पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी जारी करने के निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी 20 जून तक प्रतिदिन समीक्षा कर उक्त योजनाओं को सी-श्रेणी में लाना सुनिश्चित करें। उन्होंने समीक्षा के दौरान पाया कि सहकारी देयकों की वसूली हेतु 1329 बकायादारों को 95-क नोटिस जारी किए जाने थे, जिसमें से मात्र 92 को ही नोटिस जारी किए गये हैं, इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ए.आर. को-ऑपरेटिव, ए.डी.सी.ओ. को भी चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए।
श्री सिंह ने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित करते हुए कहा कि शहरी, ग्रामीण क्षेत्र में निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित की जाये, खराब ट्रांसफार्मर तत्काल बदले जाएं, जिन विभागों पर विद्युत बिल की धनराशि बकाया है, संबंधित विभाग तत्काल लंबित बिलों का भुगतान करें, प्रत्येक ग्राम पंचायत से कम से कम 05-05 हजार की धनराशि जमा करायी जाए। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान-सम्मान योजना मे अभी जिन 1697 अपात्र लाभार्थियों से धनराशि की वसूली की जानी शेष है, उनसे नियमानुसार वसूली की जाए, जिला पंचायत राज अधिकारी प्रतिदिन संचालित सभी 549 सामुदायिक शौचालय की क्रियाशीलता के फोटो मंगाए, जहां कोई कमी हो उसे तत्काल दूर कराया जाए, सामुदायिक शौचालयों में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था रहे।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने समीक्षा के दौरान अन्त्योदय कार्ड धारकों के गोल्डन कार्ड बनाये जाने की धीमी प्रगति, सहकारी देयों की वसूली की खराब प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुये पूर्ति, सहकारिता विभाग के अधिकारियों को आदेशित करते हुये कहा कि नेतृत्व देकर प्रगति सुधारें। उन्होने निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं से कहा कि कार्य की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये, निर्माण कार्य समय से पूर्ण कराकर उसका जिला स्तर पर गठित टेक्निकल टीम से गुणवत्ता की जांच कराकर सम्बन्धित विभाग को हैंड ओवर किया जाये। उन्होने खंड विकास अधिकारियों से कहा कि अपने-अपने अधीन संचालित गौशालाओं में संरक्षित पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसे-चारे की व्यवस्था करें, पशुओं की उचित देखभाल हो, किसी भी गौशाला में कोई अव्यवस्था न रहे, पशु चिकित्साधिकारी नियमित रूप से संरक्षित गौवंशो की देखभाल करें।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पी.पी. सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी एस.एन. मौर्य, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. के.के. सिंह, उपायुक्त मनरेगा पी.सी. राम, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, विद्युत, सिंचाई, जल निगम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वी.पी. सिंह, समस्त खंड विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रशांत सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।