
मैनपुरी 27 मई, 2022- जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने आत्मा, जिला कृषि वार्षिक योजना, पीएम किसान, फसल बीमा, एफपीओ, बीज वितरण सहित अन्य कृषि विभाग की संचालित योजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकृत कृषकों की विकास खंडवार ई-केवाईसी प्रगति में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 56 प्रतिशत की पूर्ति पर नाराजगी व्यक्त करते हुये उप कृषि निदेशक को निर्देशित किया कि सबसे खराब प्रगति वाले 03 तकनीकि सहायकों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही कर आख्या उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसानों की ई-केवाईसी कराये जाने में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जायेगी, उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी नेतृत्व देकर आगामी 02 दिन में किसानों की ई-केवाईसी की प्रगति सुधारें, ग्रामवार रोस्टर बनाकर प्रधानों, ग्राम पंचायत अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्त किसानों की ई-केवाईसी करायी जाये।
श्री सिंह ने कहा कि किसी भी जन सुविधा केंद्र संचालक द्वारा किसानों से ई-केवाईसी कराने हेतु निर्धारित धनराशि से अधिक राशि किसी भी दशा में न ली जाये, कोई भी जन सेवा केंद्र संचालक किसानों का शोषण न करें, समस्त उप जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी ऐसे किसानों जिनके द्वारा अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, उन किसानों को ई-केवाईसी कराने हेतु प्रेरित करें उन्हें ई-केवाईसी कराने हेतु लिखित में उपलब्ध कराया जाये, कोई भी किसान जानकारी के अभाव में ई-केवाईसी कराने से वंचित न रहे, किसानों को ई-केवाईसी कराने हेतु आधार कार्ड, बैंक पासबुक सहित प्रयोग होने वाले दस्तावेजों की जानकारी दी जाये। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी, उप कृषि निदेशक से कहा कि जनपद के प्रगतिशील कृषकों के उत्पादों का प्रदर्शन कराए जाएं, अधिक से अधिक किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित किया जाये, किसानों को खाद, बीज, कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान को समय से उपलब्ध कराया जाये, कृषकों को अन्य योजनाओं से लाभान्वित कर उनके उत्थान, आय में वृद्धि बढ़ाने की दिशा में कार्यवाही की जाये। उन्होंने बीज की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करने पर पाया कि जनपद को 600 कुन्तल धान बीज उपलब्ध कराया गया है, जिसका वितरण किसानों को किया जा रहा है, धान बीज प्रजाति पी.वी. 1509 एवं पीवी 1718 की रू. 5495 प्रति कुन्तल की दर निर्धारित है, कृषकों को 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराय जा रहा है, अनुदान की धनराशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।
जिलाधिकारी ने कृषि उत्पादन संगठन एफ.पी.ओ. के सम्बन्ध में जानकारी करने पर पाया कि जनपद में कृषि उत्पादन पर आधारित 06 समूह संचालित हैं, जिनके द्वारा आलू उत्पादन, बीज, जैविक खेती, मूॅगफली उत्पादन, लहसुन उत्पादन, सब्जी खाद्यान्न उत्पादन एवं मार्केटिंग के कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महा अभियान योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुये कृषि विभाग के अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों से कहा कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों को दिलाने का प्रयास करें, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अधिक से अधिक किसानों का बीमा कराया जाये ताकि दैवीय आपदा की दशा में किसान लाभान्वित हो सकें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, करहल, किशनी, कुरावली, नवोदिता शर्मा, राज नारायण त्रिपाठी, आर.एन. वर्मा, जय प्रकाश, वीरेन्द्र कुमार मित्तल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. बी.पी. सिंह, जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन उप कृषि निदेशक डीवी सिंह ने किया।



