मैनपुरी(सुवि)राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण, जनपद के प्रभारी मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कलैक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान एम.ओ.यू. निवेशकों, व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों, प्रगतिशील कृषकों से संवाद करते हुए कहा कि केंद्र-प्रदेश सरकार किसानों की आय में वृद्धि, महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, उद्यमियों की सुरक्षा, समय से संसाधन उपलब्ध कराने, उद्योगों के संचालन में आने वाली कठिनाइयों को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर दूर करने, निवेशकों को प्रोत्साहित कर उद्योगों की स्थापना कर बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कृत-संकल्पित है। उन्होने कहा कि महिलाओं को समूह से जोड़कर बैंक के माध्यम से सस्ती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार के संसाधन मुहैया कराये जा रहे हैं, उद्योगों की स्थापना कर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत बैंकों के माध्यम से सस्ती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर अपना उद्योग स्थापित करने के अवसर भी प्रदान किये जा रहे हैं।
प्रभारी मंत्री ने उपस्थित किसानों से संवाद करते हुए कहा कि केंद्र-प्रदेश सरकार किसानों की आय में वृद्धि के साथ समय से खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए प्रयत्नशील है, किसानों को संचालित अधिकांश योजनाओं का लाभ डी.बी.टी. के माध्यम से उपलब्ध कराकर किसानों को बिचौलिया प्रथा से निजात दिलाने, उनकी उपज का बाजिव मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्धारित समर्थन मूल्य पर गेहूं, धान के उपरांत अब मक्का-मूंगफली क्रय करने का निर्णय लिया है। उन्होंने उपस्थित किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि अपनी उपज का सामान क्रय केन्द्रो पर ही बेचकर निर्धारित समर्थन मूल्य का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि जनपद में मक्का क्रय हेतु 07 क्रय केंद्र संचालित है, जिन पर दि. 31 जुलाई तक निर्धारित समर्थन मूल्य रू. 2225 प्रति कुंतल की दर पर मक्का क्रय की जाएगी, मूंगफली क्रय हेतु 17 केंद्र 15 अगस्त तक संचालित रहेंगे, जिन पर रू. 6781 प्रति कुं. की दर से मूंगफली क्रय होगी। उन्होंने संबंधित क्रय एजेंसियों के प्रभारियों से कहा कि किसी भी किसान को अपनी उपज का सामान बेचने में असुविधा न हो किसानों का भुगतान 72 घंटे में प्रत्येक दशा में किया जाए।
पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने समूह की महिलाओं से वार्ता करते हुए कहा कि आप सब मेहनत से कार्य करें, जनपद की महिलाओं ने समूह से जुड़कर बेहतर कार्य किए हैं, जनपद की कई समूहों की महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, आज घरेलू महिलाएं जिनकी परिधि चूल्हा-चौका तक ही सीमित थी, आज ड्रोन के पायलट, समूह की मुखिया के रूप में स्वयं को स्थापित कर न सिर्फ अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत की है बल्कि अपनी पहचान भी स्थापित की है, जानकारी करने पर उपायुक्त एन.आर.एल.एम. ने बताया कि जनपद में 10521 समूह संचालित है, जिनसे 108669 परिवार आच्छादित हैं, समूह की महिलाएं टेडी-बियर, अचार-मुरब्बा, पापड,़ झाड़ू, धूपबत्ती-अगरबत्ती, भैंस-बकरी पालन आदि के कार्य कर रही है, समूह गठित होने के 03 माह के पश्चात समूह को रिवाल्विंग फंड के रूप में रू. 30 हजार, पुनः 03 माह पश्चात सी.आई.एफ. के तहत 01 लाख 50 हजार की धनराशि मुहैया कराई जा रही है, समूह के बेहतर ढंग से कार्य करने पर रू. 06 लाख तक सी.सी.एल. उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं को बराबरी का सम्मान देने के लिए संविधान में संशोधन कर नारी बंदन अधिनियम शामिल कर लोकसभा, विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की, वर्ष 2030 के पश्चात लोकसभा, विधानसभा में हर तीसरा प्रतिनिधि महिला के रूप में होगा।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि विगत 08 वर्षों में प्रदेश में रू. 45 लाख करोड़ से अधिक के एम.ओ.यू. हुए, जिनमें से रू. 15 लाख करोड़ के एम.ओ.यू. धरातल पर क्रियान्वित हो चुके हैं, जिसमें लगभग 02 करोड़ नौजवानों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों पूर्व निवेशक उ.प्र. में निवेश करने से डरते थे लेकिन आज प्रदेश में सुरक्षित माहौल के चलते निवेशकों की संख्या मंे वृद्धि हुई है, आज उ.प्र. अर्थव्यवस्था के रूप में देश में दूसरे नंबर पर है जल्द ही हमारे प्रदेश की इकोनॉमी एक ट्रिलियन डॉलर होगी और हम वर्ष 2029 तक देश में अर्थव्यवस्था के रूप में नंबर-01 पर होंगे। उन्होंने उपस्थित उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि जिला प्रशासन आपको समय से सभी सुविधाएं मुहैया कराएगा, आप अपने उद्योगों को बेहतर ढंग से संचालन कर इस देश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने में अपना योगदान दें।
समूह की महिलाओं, प्रगतिशील कृषकों, व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों से संवाद के दौरान व्यापारी संगठन के पदाधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा गलत ढंग से पेनल्टी लगाने, मंडी में दुकानों की संख्या कम होने के कारण व्यापार संचालन में असुविधा होने, सदर बाजार में विद्युत केबिल काफी नीची होने के कारण हादसे की संभावना बनी रहने की शिकायत की, कृषकों ने मूंगफली, मक्का के क्रय केन्द्र समय से खुलवाये जाने को कहा, जिस पर उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि व्यापारियों, कृषकों की समस्याओं का तत्काल निदान किया जाये, उद्योग बंधु की प्रतिमाह बैठक आयोजित हों और उसमें उद्यमियों द्वारा उठाई गयी शिकायतों का त्वरित निदान कर व्यापारी संगठनों को लिखित में अवगत कराया जाये।
प्रभारी मंत्री, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अन्तर्गत ई-ऑटो हेतु रामवीर सिंह कश्यप, दोना-पत्तल हेतु प्रियंका, मिनी फ्लोर मिल हेतु प्रतिमा शाक्य को रू. 05-05 लाख, मोटर साइकिल रिपेयरिंग हेतु अमित कुमार को रू. 02.50 लाख एवं ब्यूटी पार्लर हेतु संध्या को रू. 02 लाख के ऋण स्वीकृति पत्र एवं निःशुल्क बीज वितरण योजना के अन्तर्गत अनूप पाण्डेय, पंकज सिंह, अवधेश कुमार, मेघ सिंह, सिराज अजीज, सुदेश कुमार, कप्तान सिंह, प्रमोद कुमार, सर्वेश कुमार, संतोष मिश्रा को तिल, बाजरा बीज मिनीकिट उपलब्ध करायी।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, उप जिलाधिकारी सदर अभिषेक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अरूण कुमार, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, उप कृषि निदेशक नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, उपायुक्त जी.एस.टी. मनोज यादव, अग्रणी जिला प्रबन्धक रामचन्द्र साहा, उद्यमी मित्र राहुल दुबे, सहायक प्रबन्धक उद्योग अजय परिहार के अलावा उद्यमी, कृषक, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



