मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने पोषण अभियान के अंतर्गत गठित जिला पोषण समिति की बैठक में उपस्थित प्रभारी चिकित्साधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों से कहा कि आपस में समन्वय स्थापित कर जनपद के चिन्हित सैम-मैम बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहकर कार्य करें, सैम बच्चों के अभिभावकों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर कुपोषण से सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए कार्य करें। उन्होंने समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद में 2024 सैम एवं 6241 मैम बच्चे चिन्हित हैं, चिन्हित सैम बच्चों में से पोषण पुनर्वास केंद्र में माह अप्रैल एवं मई में मात्र 19-19 सैम बच्चे ही भर्ती कराये गये, एनआरसी में बेड होने के बावजूद सैम बच्चों को भर्ती नहीं कराया जा रहा है, माह मई मंे विकास खंड घिरोर से एक भी बच्चा भर्ती नहीं हुआ है जबकि विकास खंड करहल, किशनी, बेवर, सुल्तानगंज से मात्र 01-01 बच्चा ही एनआरसी में भर्ती कराया गया है, जिस पर उन्होने सम्बन्धित प्र. चिकित्साधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि प्रतिमाह कम से कम 05-05 बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराना सुनिश्चित करें।

श्री सिंह ने समीक्षा के दौरान पाया कि 1788 आंगनबाड़ी केन्द्रों के सापेक्ष 1208 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर इन्फ्राकिट क्रय की जा चुकी है, अभी 580 केन्द्रों पर इन्फ्राकिट क्रय होना शेष है, जिस पर उन्होने शीघ्र इन्फ्राकिट क्रय कर बच्चों हेतु उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया। उन्होने पोषण ट्रैकर ऐप में माह जनवरी में प्रदर्शित आंकड़ों में 25 लाभार्थियों के आधार सत्यापन शेष हैं, चेहरा प्रमाणीकरण में 01 लाख 05 हजार 432 के सापेक्ष 26 जून तक 20 हजार 64 का ही प्रमाणीकरण हुआ है, जिसमें सबसे खराब प्रगति बाल विकास परियोजना इकाई जागीर की है। उन्होने जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारियों को आदेशित करते हुये कहा कि चेहरा प्रमाणीकरण की प्रगति सुधारी जाये, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां समय के अंतर्गत गृह भ्रमण करें तथा इसे पोषण ट्रैकर ऐप में अपलोड करना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि वी.एच.एस.एन.डी. सत्र हेतु तख्त, कुर्सी, मेज व पर्दा आदि सामग्री तत्काल क्रय किये जाये। उन्होने कहा कि विकास खंडों में निर्माणाधीन बाल विकास परियोजना कार्यालय के कार्यों पर नियमित रूप से निरीक्षण किया जाये, निर्माणाधीन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाये, जिन परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका हैं, उन्हें तत्काल हैण्डओवर कराया जाये ताकि उनका सदुपयोग हो सके।

बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी हरिओम बाजपेई ने बताया कि 01 जुलाई से 30 सितंबर तक संभव अभियान संचालित होगा, जिसके अंतर्गत जनपद के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों पर चिन्हित सैम बच्चों के पोषण, चिकित्सकीय प्रबंधन का कार्य होगा, चिन्हित बच्चों को बीएचएनडी सत्र पर लाकर फॉलो-अप किया जाएगा साथ ही गर्भवती महिलाओं के पोषण प्रबंधन, स्वास्थ्य परीक्षण, वजन के साथ उन्हें बच्चा पैदा होने के तत्काल बाद मॉ का दूध पिलाने, 06 माह तक सिर्फ मॉ का दूध पिलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी हृदय नारायण, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त प्र. चिकित्साधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी आदि उपस्थित रहे।