मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति, निपुण भारत, मध्यान्ह भोजन, जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता, लापरवाही के कारण विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों की उपस्थिति निरंतर कम हो रही है, जिसके कारण सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिग खराब हुयी है, उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों से कहा कि छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने की दिशा में कार्य करें, विद्यालयों से निरंतर अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के अभिभावकों से संवाद कर बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए, जिन विद्यालयों में बच्चांें की उपस्थिति बेहतर है, वहां के अध्यापकों को सम्मानित किया जाये ताकि अन्य विद्यालयों के शिक्षक प्रेरणा लें।
श्री सिंह ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गत माह अयोजित बैठक में खण्ड शिक्षाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर विद्यालयों के निरीक्षण कराये जाने के निर्देशों के बाद भी उनके द्वारा सम्बन्धित उप जिलधिकारियों के माध्यम से निरीक्षण नहीं कराया गया है साथ ही जिला, तहसील स्तरीय टास्कफोर्स समिति के सदस्यों द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार विद्यालयों का निरीक्षण नहीं किया जा रहा है, नायब तहसीलदार, बाल विकास परियोजना अधिकारी कुरावली, एमओआईसी किशनी, खंड विकास अधिकारी जागीर, पूर्ति निरीक्षक बेवर द्वारा माह मार्च में विद्यालयों के निरीक्षण में कोताही बरती है, वहीं जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति के सदस्यों द्वारा माह फरवरी में निर्धारित लक्ष्य 55 के सापेक्ष मंत्र 15 निरीक्षण किए हैं। उन्होंने संबंधित को सचेत करते हुए कहा कि प्रतिमाह विद्यालयों का निरीक्षण कर आख्या बेसिक शिक्षाधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेशित करते हुये कहा कि विद्यालयों के शैक्षिक वातावरण में सुधार के विशेष प्रयास किये जायें, विद्यालय परिसर साफ-सुथरे रहें, छात्रों को मीनू के अनुसार गुणवत्तापरक मध्यान्ह भोजन समय से उपलब्ध कराया जाए, निर्धारित दिवस को फल, दूध सभी छात्रों को मिले। ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत जो विद्यालय अभी संतृप्त नहीं हुए हैं, उन्हें खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय से समन्वय स्थापित कर सभी बिंदुओं से संतृप्त कराना सुनिश्चित करें। उन्होने विद्यालयों में पंजीकृत छात्रों के आधार बनने की प्रगति की जानकारी करने पर पाया कि अभी भी लगभग 11 हजार छात्रों के अधार बनना शेष है जिस पर असंतोष व्यक्त करते हुये उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया कि आपस में समन्वय स्थापित कर बच्चों के तत्काल जन्म प्रमाण पत्र जारी कराकर आधार बनवाना सुनिश्चित करें ताकि उन्हें शिक्षा विभाग की योजनाओं का लाभ समय से मिल सके। उन्होंने खण्ड शिक्षाधिकारियों से कहा कि जिन विद्यालयों में खेल किट खरीदी गयी है, उनका सत्यापन कराया जाय।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आर.सी. गुप्ता, उप जिलाधिकारी घिरोर प्रसून कश्यप, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सत्येन्द्र कुमार, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण ए.के अरूण, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, प्राचार्य डाइट नरेन्द्र पाल सिंह, दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी रंजना शुक्ला के अलावा समस्त खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षाधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता ने किया।



