समाजवादी पार्टी के संस्थापक, पूर्व रक्षा मंत्री, और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री मुलायम सिंह यादव की 85वीं जयंती पूरे देश, उत्तर प्रदेश, और हर जिले, गांव, और कस्बे में श्रद्धा के साथ मनाई गई। समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पूरे प्रदेश में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह जयंती समाजवादी मूल्यों के प्रति संकल्प दोहराने का दिवस है। उन्होंने कहा कि समाज में जो चेतना और जागरूकता आई है, उसकी नींव नेताजी और उनके समर्पित सहयोगियों ने रखी थी। अब हमारी जिम्मेदारी है कि उनके विचारों और सिद्धांतों को सकारात्मक वातावरण देकर समानता, सौहार्द और विकास की दिशा में आगे बढ़ाएं। उन्होंने नेताजी के सिद्धांतों पर चलने और उन्हें मजबूत करने का आह्वान किया।

सैफई स्थित नेताजी की समाधि पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. राम गोपाल यादव, सांसद श्री आदित्य यादव, और अन्य नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की। समाधि स्थल पर कार्यरत मजदूरों को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री किरन मय नंदा ने कंबल वितरित किए।

लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर नेता विरोधी दल श्री माता प्रसाद पाण्डेय, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम लाल पाल, पूर्व मंत्री श्री ओम प्रकाश सिंह, और बड़ी संख्या में अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

महिला सभा, शिक्षक सभा, और अधिवक्ता सभा ने भी नेताजी की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए। दिल्ली और लखनऊ में गोष्ठियां आयोजित की गईं। पार्टी मुख्यालय पर गरीबों को कंबल वितरित किए गए और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
नेताजी की जयंती पर आयोजित इन कार्यक्रमों में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाने और उनके सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया।



