प्रभारी चिकित्साधिकारी बेवर, कुचेला, किशनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर घर-घर टीम भेजकर शेष व्यक्तियों का टीकाकरण कराया जाये-अविनाश।
जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्रसूता, आशा को तत्काल उपलब्ध कराया जाए, संस्थागत प्रसव की प्रगति सुधारी जाए-जिलाधिकारी।
मैनपुरी(सूवि)कोविड-19 से बचाव हेतु संचालित टीकाकरण में सबसे खराब प्रगति पाये जाने पर प्र. चिकित्साधिकारी सुल्तानगंज का वेतन रोकते हुए चेतावनी जारी करने, प्र. चिकित्साधिकारी कुचेला, बेवर, किशनी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जिला स्वास्थ समिति की बैठक में उपस्थित प्रभारी चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण से वंचित व्यक्तियों की ड्यू लिस्ट तैयार कर राशन डीलर, प्रधान, सचिव, लेखपाल का सहयोग लेकर टीकाकरण किया जाए, 31 मार्च तक प्रत्येक व्यक्ति को प्रथम डोज लगाकर प्रतिरक्षित किया जाए, आशा, ए.एन.एम. संगिनी, आंगनवाड़ी कार्यकत्री लोगों को प्रेरित कर टीकाकरण करायें। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरनाहल, जागीर, घिरोर में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 90 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण कराए जाने पर सम्बन्धित प्र. चिकित्साधिकारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अन्य प्र. चिकित्साधिकारी इनसे प्रेरणा लेकर जल्द से जल्द अपने क्षेत्र के लक्ष्य की पूर्ति करें। उन्होने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गत माह तक जनपद में टीकाकरण की प्रगति संतोषजनक थी लेकिन विगत 15 दिनों से टीकाकरण के प्रगति खराब हुई है, जिस कारण मंडल में प्रथम स्थान से जनपद तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, जो चिंता का विषय है।
श्री सिंह ने नियमित टीकाकरण की प्रगति खराब पाए जाने पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, समस्त प्र. चिकित्साधिकारियों को आदेशित करते हुए कहा कि कोविड टीकाकरण के साथ-साथ लक्षित बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाव हेतु टीकाकरण कराया जाए, सभी स्थानों पर नियत दिवस पर टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएं, प्रभारी चिकित्साधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के आयोजित सत्र का स्थलीय निरीक्षण करें। उन्होंने समीक्षा के दौरान कहा कि कम वजन के बच्चे जिन्हें एस.एन.सी.यू. में भर्ती कराया जाता है, वहां से डिस्चार्ज होने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवर, मैनपुरी अर्बन, बरनाहल में आशाओं द्वारा उन बच्चों की नियमित देखभाल नहीं की जा रही है, संबंधित प्र. चिकित्साधिकारी इस ओर ध्यान दें, संबंधित आशा ऐसे बच्चों की नियमित देखभाल करें, आशा, संगिनी के भुगतान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरनाहल, सुल्तानगंज, मैनपुरी अर्बन की खराब प्रगति पाए जाने पर संबंधित प्र. चिकित्साधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी आशा, संगिनी का भुगतान 01 सप्ताह में कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव, प्रसूताओं, आशाओं के भुगतान की प्रगति ठीक न पाए जाने पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गर्भवती महिला के पंजीकरण के समय ही उसके एम.सी.पी. कार्ड में आधार नंबर, बैंक खाते का विवरण अवश्य भरवाया जाए, प्रसव के उपरांत स्वास्थ्य केंद्र से डिस्चार्ज होने के तत्काल बाद उसके खाते में जननी सुरक्षा योजना में प्रदान की जाने वाली धनराशि भेजी जाए, आशा, संगिनी के मानदेय के भुगतान में भी विलंब न किया जाए। उन्होने समीक्षा के दौरान जननी सुरक्षा योजना में सबसे खराब प्रगति बेवर, कुचेला, करहल, किशनी, सुल्तानगंज स्वास्थ्य केंद्रों की पायी, यहां गत वर्ष के सापेक्ष काफी कम संस्थागत प्रसव हुए हैं, स्वास्थ्य केंद्र बेवर में गत वर्ष के सापेक्ष 122, करहल में 357, किशनी में 129, कुचेला में 96, बरनाहल में 39, सुल्तानगंज में 47 संस्थागत प्रसव गत वर्ष नवम्बर के सापेक्ष नवम्बर 21 तक कम हुए है। उन्होंने संबंधित प्र. चिकित्साधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि संस्थागत प्रसव, आशा, संगिनी के भुगतान की प्रगति सुधारें।
श्री सिंह ने प्र. चिकित्साधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सभी विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों में आरबीएसके टीमें निर्धारित माइक्रो प्लान के अनुसार भ्रमण कर बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण करें, जिस दिन जिस विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र में आरबीएसके टीम जाए उन विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों में सुनिश्चित किया जाए कि पंजीकरण के सापेक्ष शत-प्रतिशत बच्चे उपस्थित रहें, जिससे उनके स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा सके, इस कार्य में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उन्होने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम, पीसीपीएनडीटी एक्ट की बिंदुवार समीक्षा की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.पी.पी. सिंह, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. अरविंद गर्ग, डॉ. ए.के. पचौरी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव राय, डॉ. संजीव राय बहादुर, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आर.पी. सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कमल सिंह, यूनीसैफ के संजीव पाण्डेय, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविंद्र गौर, मलेरिया अधिकारी एस.एन. सिंह, डीपीएम संजीव वर्मा सहित समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारी आदि उपस्थित रहे।