स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपलब्ध अनटाइड फंड से सैम-मैम बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु उपकरण किये जाएं क्रय- अविनाश।
मैनपुरी(सूवि) जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा के दौरान प्रथम रेफरल यूनिट कुरावली, किशनी, भोगांव में गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन की प्रगति निराशाजनक पाये जाने पर एफआरयू हेतु तैनात निश्चेतक डा. मनीष प्रताप सिंह, डा. स्नेहल त्रिपाठी, डा. शादाब हुसैन का तत्काल प्रभाव से वेतन रोके जाने के निर्देश देते हुये कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कार्य करें, अपने-अपने तैनाती स्थल पर रत्रि विश्राम कर समय से ड्यूटी पर उपस्थित होकर मरीजों को सेवाएं दें, जरूरतमंद गर्भवती महिला को सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र पर ही ऑपरेशन की सुविधा मिले ताकि गरीब परिवार को प्राइवेट चिकित्सालय में धनराशि व्यय न करनी पड़े। उन्होने उपस्थित चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अगले 02 महीने वेक्टर जनित बीमारियों के दृष्टिगत काफी संवेदनशील है, इसलिए सभी प्र. चिकित्साधिकारी अंतर्विभागीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर अपने-अपने क्षेत्र में डेंगू, अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही करें, सर्विलांस, सुपरविजन, स्वच्छता, जागरूकता पर ध्यान केंद्रित कर कार्यवाही की जाए, आम-जन को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव हेतु जागरूक किया जाए, शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड, मजरों में साफ-सफाई के बेहतर प्रबन्ध हो, नियमित रूप से एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जाए, गत वर्षाे में जहां डेंगू से ग्रसित मरीज पाए गए हैं, उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि यदि किसी भी गांव, क्षेत्र में वेक्टर जनित बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति पाए गए तो संबंधित प्र. चिकित्साधिकारी की जिम्मेदारी तयकर दंडात्मक कार्यवाही होगी।
श्री सिंह ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करने पर पाया कि वार्षिक लक्ष्य 23929 के सापेक्ष माह जुलाई तक 5425 संस्थागत प्रसव कराये गये हैं, जिसमें से 5386 प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना में लाभान्वित किया जा चुका है। उन्होने प्र. चिकित्साधिकारियों से कहा कि प्रसूताओं को समय से खाना, नाश्ता गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराया जाये, प्रसूताओं को ड्रापवैक की सुविधा मुहैया हो। उन्होने खंड विकास अधिकारियों से कहा कि प्र. चिकित्साधिकारियों से गत 02 माह में हुये प्रसव की सूची प्राप्त कर प्रसूताओं से उपलब्ध कराये गये खाने की गुणवत्ता, ड्रापवैक की सुविधा की जानकारी मोबाइल के माध्यम से कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होने आशा भुगतान में घिरोर, कुरावली, जागीर, सुल्तानगंज की प्रगति संतोषजनक न पाये जाने पर सम्बन्धित प्र. चिकित्साधिकारियों को हिदायत देते हुये तत्काल आशाओं केे मानदेय के भुगतान हेतु आदेशित किया। उन्होने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि 108, 102 एम्बुलेंस के रिस्पांस टाइम की स्थिति मंडल में सबसे ज्यादा खराब है, इसे सुधारा जाए, माह जून, जुलाई में एंबुलेंस के संचालन की रिपोर्ट तत्काल मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए, मुख्य विकास अधिकारी अपने स्तर से सत्यापन कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र का रोस्टर तैयार कर पंजीकृत छात्रों के स्वास्थ्य की जांच करायी जाये, प्र. चिकित्साधिकारी स्वयं अभियान की समीक्षा करें। उन्होंने समीक्षा के दौरान कहा कि यदि सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों, चिकित्सा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के परिजनों का इलाज हो, सरकारी विद्यालयों में अधिकारियों, कर्मचारियों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करें, तो स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में काफी बदलाव हो सकता है। उन्होने कहा कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर सभी आवश्यक दवाओं, उपकरणों की सुविधा उपलब्ध रहे, किसी भी मरीज को बाहर की दवाई किसी भी दशा में न लिखी जाए, प्र. चिकित्साधिकारी अपने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सभी प्रकार की दवाईयॉ, जॉच की सुविधा उपलब्ध है, को सर्वदृश्य स्थल पर लिखवाना सुनिश्चित करें।उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्र के चिन्हित सैम-मैम बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में कार्य करें, सैम बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित कर बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर उन्हें सुपोषण के श्रेणी में लाने में अपना योगदान दे।
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बुधवार, शनिवार को आयोजित होने वाली बीएचएनडी सत्र का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्था देखें, बीएचएनडी सत्र पंचायत घर, प्राथमिक विद्यालय, किसी सरकारी भवन में ही आयोजित हों, किसी भी दशा में निजी, प्राइवेट भवन में सत्रों का आयोजन न किया जाए। समीक्षा के दौरान एसएमओ ने बताया कि भोगांव शहरी में टीकाकरण, बी.एच.एन.डी. सत्र आयोजन की प्रगति संतोषजनक नहीं है, इसी प्रकार मैनपुरी अर्बन में आयोजित होने वाले बी.एच.एन.डी. सत्र पर किए जा रहे टीकाकरण का ए.एन.एम. द्वारा टैलीशीट पर विवरण अंकित नहीं किया जा रहा है, जिस पर उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारी भोगांव, अर्बन, मैनपुरी अर्बन को आदेशित करते हुए कहा कि निर्धारित दिवस पर शत-प्रतिशत बी.एच.एन.डी. सत्र का आयोजन हो, बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण किया जाए, उनका टैलीशीट पर विवरण अवश्य भरा जाए।
इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव राव बहादुर, डा. अनिल वर्मा, डॉ. बिजेन्द्र सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुरेन्द्र सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राकेश कुमार, एस.एम.ओ. डॉ बी.पी.सिंह, डी.एम.सी. यूनिसेफ संजीव पांडेय, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ आशुतोष, जिला होमोपैथिक अधिकारी डा. शैलेन्द्र कुमार, डी.पी.एम. संजीव कुमार, समस्त खंड विकास अधिकारी, प्र. चिकित्साधिकारी, एनजीओ से आराधना गुप्ता सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
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