मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जिला गंगा समिति, जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति की समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि वृक्षारोपण स्थलवार नोडल अधिकारी नामित किये जाने के निर्देशों के बावजूद कृषि, पंचायती राज, उद्यान, उच्च शिक्षा, नगर निगम, जल शक्ति, परिवहन, पिछड़ा वर्ग कल्याण, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि, महिला एवं बाल विकास, आयुष, पर्यटन, आबकारी, अतिरिक्त ऊर्जा श्रोत, ग्राम्य विकास विभाग द्वारा अभी तक नोडल अधिकारी नामित नहीं किये गये हैं, वृक्षारोपण अभियान के अन्तर्गत रोपित किये गये पौधों की शत-प्रतिशत जियो टैगिंग कर रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं करायी है। परिवहन विभाग द्वारा मात्र 40 प्रतिशत, राजस्व विभाग द्वारा 80.43 प्रतिशत, कृषि विभाग द्वारा 84.64 प्रतिशत, पशुपालन विभाग द्वारा 90.62 प्रतिशत पौधों की ही जियो टैगिंग की गयी है। उन्होने सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को सचेत करते हुये कहा कि 02 दिन में स्थलवार नोडल अधिकारी नामित कर, रोपित किये गये पौधों की जियो टैगिंग कर रिपोर्ट प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

 

श्री सिंह ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार निर्देशों के बावजूद भी नदियों के किनारे बसे ग्रामों में गठित गंगा समितियों की मासिक बैठक कराकर कार्यवृत्त उपलब्ध नहीं कराये जा रहे हैं। उन्होने खंड विकास अधिकारियों, जिला पंचायत राज अधिकारी को आदेशित करते हुये कहा कि गठित ग्राम गंगा समितियों की प्रतिमाह बैठक आयोजित कराकर कार्यवृत्त वन विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, गंगा समितियां की बैठक में ठोस अपशिष्ट को नदी में प्रवाहित होने से रोकने, नदी तट विकास, वनीकरण, सीवरेज उपचार अवसंरचना विकास, औद्योगिक प्रवाह निगरानी, अर्द्रभूमि और छोटी नदी पुनर्जीवन, जैविक खेती के सम्बन्ध में विशेष रूप से चर्चा की जाये। उन्होने अधिशाषी अभियंता सिंचाई से कहा कि ईसन नदी के जीर्णोद्धार के सम्बन्ध में कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाये, ईशन नदी के दोनो ओर की भूमि का चिन्हांकन प्राथमिकता पर किया जाये। उन्होने अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय, जिला पंचायत राज अधिकारी से कहा कि ठोस अपशिष्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन, कंस्ट्रक्शन एवं डिमालेशन बेस्ट की सूचना प्रतिमाह समय से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ई-बेस्ट अपशिष्ट की सूचना संयुक्त रूप से अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी एकत्र कर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, सभी स्थानीय निकायों में एम.आर.एफ. सेन्टर का सुचारू रूप से संचालन हो।

 

जिलाधिकारी ने प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी से कहा कि तहसील क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में स्थित वन विभाग की भूमि का अमल दरामद कराना सुनिश्चित करें, जहां भी वन विभाग की भूमि पर अनाधिकृत कब्जे हैं, उन्हें अभियान चलाकर हटवाया जाये। उन्होंने कहा कि जनपद में 574.4048 हे. भूमि वन विभाग की संरक्षित है, वन विभाग के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर वन विभाग की संरक्षित भूमि का सत्यापन करायें, जहां भी भूमि पर अनाधिकृत कब्जे हैं, उन्हें तत्काल हटवाकर भूमि को संरक्षित किया जाये। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2024-25 के वृक्षारोपण का लक्ष्य शासन स्तर से निर्धारित किया जा चुका है, जनपद में आगामी वित्तीय वर्ष में 35 लाख 63 हजार 100 पौधो रोपित किये जायेंगे, जिसमें सर्वाधिक 14 लाख 02 हजार ग्राम्य विकास विभाग द्वारा, 10 लाख वन विभाग द्वारा, 01 लाख 56 हजार पंचायती राज विभाग द्वारा पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिन विभागों को वृक्षारोपण का लक्ष्य मिला है वह तत्काल निर्धारित प्रारूप पर भूमि की उपलब्धता, गड्ढा खुदान की सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

 

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर. सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी संजय अग्रवाल, उपायुक्त मनरेगा पी.सी. राम, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, क्षेत्राधिकारी यातायात चन्द्रकेश सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला आबकारी अधिकारी दिनेश कुमार, उपायुक्त उद्योग उक्तर्ष चन्द, जिला पंचायत राज अधिकारी तुलसीराम, एस.एफ.ओ. राजीव दीक्षित, समस्त खंड विकास अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।