
मैनपुरी 21 सितंबर, 2023- मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक की समीक्षा के दौरान वन क्षेत्र की भूमि बंदोबस्त में अमल दरामद के कार्य में शिथिलता बरतने पर क्षेत्रीय वनाधिकारी करहल, मैनपुरी, किशनी का वेतन रोके जाने के निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर वन क्षेत्र की चिन्हित भूमि को प्राथमिकता पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराना सुनिश्चित करें। उन्होने समीक्षा के दौरान पाया कि वृक्षारोपण महाभियान के तहत विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष पौधे रोपित किए गए थे लेकिन अभी तक कई विभागों द्वारा हरीतिमा एप्प पर जियो टैग नहीं कराया गया है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि अगले 02 दिन में प्रत्येक दशा में रोपित किए गए शत-प्रतिशत पौधों का जियोटैग करना सुनिश्चित करें, अन्यथा की दशा में दंडात्मक कार्यवाही होगी। उन्होंने समीक्षा के दौरान पाया कि अभी तक पंचायती राज, सहकारिता, पुलिस, महिला एवं बाल विकास, पर्यटन, आयुष, नेडा, खादी एवं ग्राम उद्योग, समाज कल्याण, खेलकूद विभाग द्वारा वृक्षारोपण प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं कराया गया है, संबंधित अधिकारी आज प्रत्येक दशा में दि. 15 अगस्त को रोपित पौधों का प्रमाण पत्र वन विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
श्री कुमार ने जियो टैगिंग की विभागवार समीक्षा करने पर पाया कि नगर विकास, पर्यावरण, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, पशुपालन, कृषि, पंचायती राज, राजस्व, सहकारिता, परिवहन, आयुष, महिला एवं बाल विकास, नेडा, पर्यटन, आबकारी, रेलवे द्वारा रोपित किए गए पौधों का शत-प्रतिशत जियो टैगिंग नहीं की गई है, परिवहन, आयुष विभाग द्वारा रोपित किए गए पौधों के सापेक्ष मात्र 25 प्रतिशत, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मात्र 24 प्रतिशत, सहकारिता द्वारा मात्र 47 प्रतिशत पौधों को ही हरीतिमा एप्प पर जियो टैगिंग की गई है, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 02 दिन में शत-प्रतिशत जियो टैगिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत जिन विभागों द्वारा पौधारोपण किया गया है, संबंधित अधिकारी अगले 15 दिन में रोपित किए गए पौधों का सत्यापन अपने स्तर से कर ले यदि कोई पौधा मृत हो गया हो तो उसे तत्काल बदलवायें, 15 अक्टूबर से अन्तर्विभागीय अधिकारियों से रोपित किये गये पौधों का सत्यापन कराया जाएगा यदि क्रॉस सत्यापन में कोई पौधा मृत पाया गया तो संबंधित विभाग के अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही होगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि 245 ग्राम पंचायत में गठित गंगा समिति की बैठक प्रतिमाह अनिवार्य रूप से आयोजित करना सुनिश्चित करें, बैठक का कार्यवृत्त भी उपलब्ध कराया जाये, गंगा समिति का मुख्य उद्देश्य नदी, नालों, नहर के माध्यम से गंगा में जाने वाले गंदे पानी को रोके जाने से संबंध में है, इसलिए गंगा समितियां सक्रिय रहकर अपने दायित्व का निर्वहन करें। उन्होंने उप जिलाधिकारियों से कहा कि नदियों के किनारे बसे, ऐसे ग्रामों जहां ग्राम गंगा समितियांे का गठन किया गया है, उन ग्राम पंचायत में श्मशान हेतु भूमि चिन्हित कर ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, वायोवेस्ट, ई-वेस्ट प्रबन्धन के उचित निस्तारण के निर्देश भी सम्बन्धित अधिकारियों को दिये।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी एस.एन. मौर्य, उपयुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, डिप्टी कलेक्टर, जिला प्रोबेशन अधिकारी राम नारायण, उप जिलाधिकारी सदर, किशनी, घिरोर अभिषेक कुमार, योगेन्द्र कुमार, अवनीश कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुप्रिया गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी क्यामुद्दीन अंसारी, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी पवन यादव, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी महेंद्र कुमार, उपयुक्त उद्योग उत्कर्ष चंद, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ. एस.पी. सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक सुधीर कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी तुलसी राम, जिला पर्यटन अधिकारी प्रदीप टम्टा, समस्त खंड विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



